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अकेलापन क्या है और इसे कैसे दूर रखें?

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अकेलापन क्या है ?

दुनिया में हर कोई इंसान अपने दोस्त रिश्तेदार अपने निजी पसंदीदा इंसान के पास वक्त गुजारने को पसंद करता है। इंसान का स्वभाव है की वो लोगो के बिछ रहना पसंद करता है, क्यूं की उस से कभी वो अकेला महसूस नहीं करता, 

कोई समस्या आने पर उसके दोस्त, रिश्तेदार लोग उसका मदद करते हैं, कभी कोई व्यक्तिगत भावनाओं को बताना हो तो वो निकटतम व्यक्ति जेसे अपने प्रेमी या प्रेमिका से दिल की बात कहते हैं ।

जब हम बड़े हो जाते हैं, मानसिक रूप से परिपक्व होते हैं, तब खुद के समस्याएं खुद की भावनाओं को हर किसी किसिको बताना अच्छा नहीं लगता, तब हम सिरफ उनसे अपना समस्याएं, भावनाएं को बताते हैं जिन्के ऊपर हमारा एक विश्वास होता है, 

एक विश्वास होता है की हां यह इंसान मेरे दिल के बात को समझ पाएगा। इसी तरह हमारे दिमाग में एक पसंद होता है की कभी भी कुछ भी होगा, दिल के बात पहले उसे बताउंगा। इस तरह हम सीधे अपने करीबी लोगों से भावनात्मक रूप से जुड़े होते हैं और इसे ही प्यार कहते हैं।

 जब हम किसको प्यार कर बैठ ते है तब हम उनके ऊपर विश्वास करना सुरु करदेते है, उनके भावनाओं का कदर करते हैं, उनके भले बुरे वक्त पर उनका मदद करते हैं, 

पर कभी किसी कारण से वही इंसान हमसे दूर हो जाता है तो हम अपने आप को अकेला पाता है, लगता है जैसे कोई शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा खो गया होगा। 

क्यों की हमारा उनके प्रति एक लगाब, एक संबंध सा हो जाता है जो हमें उनकी आदत डाल देता है, उनके कमी हमें हमारे दिमाग पर असर डालता है, हम जैसे और से टूट सा जाते हैं, किसके लिए ये दर्द भरा होता है तो कुछ लोगों के लिए एक सजा जैसा लगता है।

आज हम इस लेख की सहायता से चर्चा करेंगे अकेलेपन को कैसे दूर करें, अकेलापन क्या है ?, अकेलेपन से क्या होता है, अकेलेपन से कैसे छुटकारा पाये, अकेलापन दूर करने के लिए क्या करें जेसे बहुत सारे महत्वपूर्ण बात जो की आगे जाकर आपको मदद करेगा। 

अकेलापन क्यों आता है?

कोई अपने दोस्त के चले जाने पर अकेलापन महसूस करता है, जबकि कोई अपनी प्रेमिका या प्रेमी के जाने पर अकेलापन महसूस करता है। सबका अकेलापन अलग होता है। अकेलेपन का कारण खोजना जरूरी हो ताकि हम आने वाले दिनों में इसका समाधान ढूंढ सकें।

अगर हमें अपना अकेलापन का कारण नहीं पता चलेगा तो हम भविष्य में आंतरिक और मानसिक रूप से बहुत कमजोर हो जाएंगे जो हमारे लिए बिलखुल अच्छा नहीं होता है।

(1)अपने आप को काम में व्यस्त रखे।

जब तक हम उनकी यादों में ही सोचते रहते हैं, जब तक हमारे दिमाग से अकेलापन दूर नहीं होता। इसका एक मातृ उपाय है कि अपने आप को काम में व्यस्त रखें तो कुछ समय के लिए हमारा ध्यान भटकेगा। 

एसे ही धीरे धीरे हम उनके यादों को भूल पाएंगे। अकेलेपन की  वजह से हम अपने आप को कमजोर समझ लेते हैं।

(2)अपने आप को कभी भी दोशी मत बनाओ।

अक्सर जब हमारा कोई करीबी व्यक्ति दूर चला जाता है तो हम अपने आप को दोषी मानते हैं, अपने आप को सब गलतियां के कारण मानते हैं जो की बिलखुल भी ठीक नहीं है। इस तरह हम न केवल अपना समय बर्बाद करते हैं बल्कि अपना भविष्य भी नष्ट करते हैं। 

(3)इंसान अकेला कब होता है?

जिंदगी में अकेलापन आने का कई कारण हो सकता है, कभी कोई एक से गलती हुई हो तो कभी दोनो से, और इसके बजाह से  दो लोग अलग हो जाते हैं। और बाद में अकेलेपन महसूस करते हैं।

 तबी दिमाग में ख्याल आता है मैं क्यों अकेला हूँ, मुझसे क्या गल्ती हो गई और धीरे धीरे आपके ऊपर अकेलापन के प्रभाव पड़ता है .

(4)अच्छे दोस्त बनायें।

एक अच्छा दोस्त हमेशा आपका साथ देता है और आपको कभी भी समस्याओं में नहीं आने देता। इसलिए अच्छे दोस्त बनाएं जो आपको व्यक्तिगत रूप से समझें औरआपकी परवाह करता हो। 

एक अच्छा दोस्त आपके अकेलेपन में आपको हर दम प्रेरित करवाएगा, आपको अच्छे अच्छे बात बोलके आपको बुरे हालात से बाहार लाने की कोशिश करेगा। इसलिए हम सभी को अपने जीवन में अच्छे दोस्तों की जरूरत होती है।

(5)व्यायाम या योगा करे।

हमें न केवल अपने मन को बल्कि अपने शरीर को भी स्वस्थ रखने का प्रयास करना चाहिए। क्योंकि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का वास होता है। इसलिए रोजाना व्यायाम या योग करें। सुबह जल्दी उठने की कौसी करे। सुबा उठने से बहुत सारे फायदे होते हैं।

(6)सामाजिक कार्यों में खुद को व्यस्त रखें।

हमारी खुशी तब तक सिमित रहती है जब तक हम सिरफ अपने बारे में सोचते रहते हैं, पर कभी दुसरो के बारे में सोचा करो, उनके मदद किया करो, एक जरूरतमंद की मदद करने से आपको जो एक खुशी मिलेगा वो आपको और कहीं मिलेगा।

उस समय आप अपने आपको बड़ा और अपने आप का मूल्य को समझ पाओगे। अकेलेपन को कैसे दूर करें यह सवाल का जवाब आपको मिल गया होगा।

(7)भगवान पर भरोसा करो।

सुख और दुख एक सिक्के के दो पहलू हैं, इसलिए किसी भी स्थिति में घबराएं नहीं, ईश्वर पर विश्वास करें और हर परिस्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ दें और आप निश्चित रूप से इससे उबर जाएंगे।

भगवान पर भरोसा करने से हमारी मानसिकता सकारात्मक होती है जिससे हम बिना किसी झिझक के किसी भी समस्या को आसानी से संभाल सकते हैं।

(8)खुद की समस्याओं के समाधान करना सिखे।

किसी की मदद के बिना अपनी समस्याओं को हल करने में खुद को सक्षम बनाएं। ताकि हम किसी के भरोसे न रहें। किसके ऊपर भरोसा करना ही हमें भविष्य में अप्रत्यक्ष रूप से कमजोर बना देता है। अकेला रहना अच्छा नहीं होता, इसे हमारी मानसिक चिंता बढ़जाता है।

(9)रोजाना कुछ नया सीखें।

जब तक हम कोई साहसिक निर्णय नहीं लेंगे, तब तक जीवन में कोई बदलाव नहीं आएगा। अक्सर हम अपना सामान्य जीवन जीने से ऊब जाते हैं और यह अवसाद की ओर ले जाता है। 

इसलिए जीवन में छोटे छोटे कदम उठाएं ताकि आने वाले समय में कुछ नई उम्मीद पैदा हो सके जीवन को बेहतर बनाने के लिए। 

(10)किशोरावस्था में अकेलापन .

किशोर बस्ता में अकेलेपन अक्सर पाया जाता है और कोई उसे अच्छे से सहन करता है तो कोई डिप्रेशन में चला जाता है। और यह हर युवा की एक बड़ी समस्या है, इसलिए हमें अपने आप को कैसे नियंत्रित करना है,

इस स्थिति से कैसे निपटना है और उस स्थिति से कैसे उबरना है, इसके बारे में हमें पता होना चाहिए। अन्यथा, जब हमारे करियर का निर्माण करने का समय होता है, तो हम इसे प्यार, स्नेह और आकर्षण के कारण नष्ट कर देते हैं।

(11)अपना आत्मविश्वास बढ़ाएं।

जीवन में सब कुछ संभव है और हम केवल एक मजबूत मानसिकता और निरंतर प्रयास करके कुछ भी हासिल कर सकते हैं। हम खुद अपने भाग्य के निर्माता हैं, और मैं यह निश्चित रूप से कर सकता हूं,

यदि आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में असफल हो रहे हैं तो लक्ष्य को प्राप्त करने का तरीका बदल दें लेकिन लक्ष्य को न बदलें। यह मानसिकता हमें अद्वितीय और अधिक आत्मविश्वासी बनाती है।

(12)अकेलापन महसूस क्यों होता है?

हमें लोगो के बिच्छ रहना पसंद है और उनसे अपने दुख को बताना अच्छा लगता है। इससे हमारी सुख बढ़ जाता है और दुख का परिणम थोड़ा घाट जाता है।

अगर अचानक हमारा अपना कोई चले जाने पर हमें उनके कमियां बहुत होंगे जो हमें बहुत दुख और दर्द देता है, क्यों की हमें उनका आदत हो जाता है और वही चिज हमें सहन नहीं होता।

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(13)अपना लक्ष्य तय करें।

जीवन एक यात्रा की तरह है और हम उस यात्रा के यात्री हैं। अगर हमें अपनी मंजिल का पता भी नहीं है तो यह न सिर्फ हमारा समय बर्बाद करती है बल्कि हमें मानसिक और शारीरिक पीड़ा भी देती है।

तो जीवन लक्ष्य के बिना अधूरा है जैसे हवाई जहाज पायलट के बिना अधूरा है। इसलिए बेहतर है कि एक लक्ष्य रखें और उसे कदम दर कदम हासिल करें और तब तक न रुकें जब तक आप उस जगह तक नहीं पहुंच जाते।

(14)अकेले रहने के नुकसान.

हर किसी के जीवन में सुख दुख चलता रहता है पर ज्यादा समय तक अगर हम अकेले होकर समय गुजार लेंगे तो वो हमारे मानसिक स्तर को या तो कमजोर या नष्ट कर देता है। जिस से हमें किसी दुसरो के ऊपर कभी भी भरोसा नहीं होता जीवन भर।

(15)अपने से ज्यादा किसी को महत्व न दें।

इंसान पर भरोसा करना अच्छा है लेकिन किसी पर ज्यादा भरोसा करना अच्छा नहीं है। क्योंकि जब समय आएगा तो वे आपकी कीमत नहीं समझ पाएंगे और इससे आपको सबसे ज्यादा दुख होता है। 

इसलिए उन लोगों को मूल्य प्रदान करें जो इसे पाने के योग्य हैं। इस तरह आपका आंतरिक सम्मान, आत्म-अहंकार संतुलन हो जाता है और आप सुरक्षित महसूस करते हो।

हम आशा करते हैं की हमारे लेख आपके अकेलापन क्या है और इसे कैसे दूर रखें?आप को मदद करेगा। इस लेख को पढ़ने के लिए अपना बहुमूल्य समय देने के लिए धन्यवाद, सुरक्षित रहें, खुश रहें।

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